स्मॉल कैप फंड

स्मॉल कैप फंड क्या हैं

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आप जब पौधे लगाते हैं तो मौसम खराब होने, देखभाल नहीं हो पाने या कीड़े लग जाने के कारण उनमें से कई पौधे खराब हो सकते हैं. जिन पौधों को सही से धूप, पानी और देखभाल मिलती है, वे स्वस्थ और मजबूत पेड़ बन सकते हैं. स्मॉल-कैप कंपनियां पौधों की तरह होती हैं. उनमें से कुछ बाजार की मंदी के कारण बंद हो सकती हैं, जबकि बाकी अन्य बाजार की अस्थिरता को मात देकर फल-फूल सकती हैं. स्मॉल-कैप फंड वैसे म्यूचुअल फंड हैं, जो स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश का एक्सपोजर देते हैं. हालांकि वास्तव में स्मॉल-कैप फंड क्या हैं और क्या वे निवेश करने का एक अच्छा विकल्प हैं? आइए पता करते हैं.

स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड क्या होता है?

स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड एक तरह के ओपन-एंडेड इक्विटी फंड हैं, जो मुख्य रूप से छोटे आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, जिन्हें आमतौर पर स्मॉल-कैप कंपनियों के रूप में जाना जाता है. इन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण आम तौर पर 5000 करोड़ रुपये से कम होता है और बाजार पूंजीकरण के मामले में उनकी गिनती 251वीं कंपनी से शुरू होती है. स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड अपने कुल एसेट का कम से कम 65 फीसदी स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करते हैं.

स्मॉल-कैप कंपनियों में काफी संभावनाएं होती हैं. वे अभी अपनी इंडस्ट्री में टॉप पर नहीं होती हैं, लेकिन उनमें समय के साथ ग्रो करने की गुंजाइश होती है. स्मॉल-कैप फंड आपको इस ग्रोथ का हिस्सा बनने की सुविधा देते हैं.  

नोट - बाजार पूंजीकरण किसी कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयरों का कुल बाजार मूल्य होता है.

स्मॉल-कैप फंड उम्मीदें जगा सकते हैं, लेकिन सोच-विचार कर निवेश का निर्णय लेने के लिए आपको उनके बारे में कुछ बातें पता होनी चाहिए.

स्मॉल कैप फंड में निवेश करने से पहले गौर करने वाली बातें

  • निवेश की अवधि: स्मॉल-कैप फंड आमतौर पर लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए सही होते हैं. अगर आप अपने निवेश को ज्यादा समय के लिए होल्ड कर सकते हैं तो वे सही साबित हो सकते हैं. ज्यादा उथल-पुथल और कम समय में बड़ी गिरावट की आशंका के कारण वे कम समय के लक्ष्यों के लिए ठीक नहीं हो सकते हैं.
  • रिस्क उठाने की क्षमतास्मॉल-कैप फंड छोटे साइज की कंपनियों में निवेश करते हैं, जो अभी विकास के शुरुआती चरणों में होती हैं. यह उन्हें मिड और लार्ज कैप फंडों की तुलना में ज्यादा जोखिम वाला बना देता है. वे आपको कंपनी की ग्रोथ का हिस्सा बनने का मौका देते हैं, लेकिन उनमें रिस्क भी ज्यादा होता है. इसलिए, निवेश करने से पहले रिस्क उठाने की अपनी क्षमता को अच्छे से परख लें.
  • एक्सपेंस रेशियोस्मॉल-कैप फंड सहित सभी म्यूचुअल फंड स्कीम एडमिनिस्ट्रेशन व मैनेजमेंट का खर्च निकालने के लिए निवेशकों से कुछ शुल्क लेती हैं. फंड चुनने से पहले एक्सपेंस रेशियो की तुलना करने से आपको अपना ओवरऑल रिटर्न बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
  • टैक्स की देनदारियांस्मॉल-कैप फंडों को इक्विटी फंड की कैटेगरी में रखा जाता है. इनके ऊपर लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होते हैं. आप कितने समय तक होल्ड करते हैं, उसके हिसाब से टैक्स की दरें अलग हो सकती हैं. एक वर्ष तक होल्ड किए गए फंड से हुए मुनाफे पर 15 फीसदी की दर से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. वहीं एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए फंड के मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का फायदा मिलता है और एक वित्त वर्ष में 1 लाख रुपये से ज्यादा मुनाफा होने पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगता है.

स्मॉल कैप फंड में किन्हें निवेश करना चाहिए?

स्मॉल-कैप फंड पर शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव का असर होता है, क्योंकि वे उन कंपनियों में निवेश करते हैं जो अभी तक अच्छी तरह से स्थापित नहीं हुई हैं. इस कारण ऐसे फंड लंबे समय के लक्ष्यों जैसे- रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा, घर खरीदना और इसी तरह की अन्य जरूरतों के हिसाब से ठीक हो सकते हैं.

रिस्क सभी इक्विटी फंड में होते हैं, लेकिन सभी बाजार पूंजीकरण के फंड की तुलना में स्मॉल-कैप फंड में रिस्क सबसे ज्यादा हो सकता है. इसलिए, ये फंड केवल तभी सही हो सकते हैं, जब आप ज्यादा रिस्क उठा सकते हों.

अगर आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्स बनाना चाहते हैं और अलग-अलग बाजार पूंजीकरण में निवेश कर रिस्क व रिटर्न का संतुलन बनाना चाहते हैं, तब भी आप ऐसे फंड में निवेश कर सकते हैं.

स्मॉल कैप फंड में कैसे निवेश करें?

स्मॉल-कैप फंड में निवेश की प्रक्रिया किसी भी अन्य म्यूचुअल फंड स्कीम की तरह ही है. आप किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) या रजिस्टर्ड ब्रोकर से संपर्क कर शुरुआत कर सकते हैं. अकाउंट खोलने के लिए आपसे नो योर क्लाइंट (केवाईसी) डॉक्यूमेंट जैसे पैन, आधार कार्ड की कॉपी आदि सबमिट करने के लिए कहा जा सकता है.

एक बार जब आपका अकाउंट एक्टिव हो जाता है, तब आपके पास स्मॉल-कैप फंड में निवेश करने के लिए दो विकल्प होते हैं - सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और लम्पशम्प इन्वेस्टमेंट.

एसआईपी के मामले में आप नियमित रूप से तय अंतराल (साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक) पर एक निश्चित रकम का निवेश कर सकते हैं. या फिर आप लम्पशम्प इन्वेस्टमेंट में एक ही बार में बड़ी रकम को इन्वेसट कर सकते हैं.

निष्कर्ष

अगर आप स्मॉल-कैप फंड में निवेश करना चाहते हैं तो निवेश की लंबी अवधि को जेहन में रखें. जोखिम को लेकर सावधान रहें और अच्छी तरह से सोच-विचार कर निर्णय लें. इसके अलावा, अच्छी तरह से छानबीन करें और सुनिश्चित करें कि आप चाहे किसी भी चीज में निवेश करें, आपके पास एक अच्छा डायवर्स पोर्टफोलियो है, जो आपको लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही है.

 

निवेशकों को जागरूक करने के लिए एडलवाइज म्यूचुअल फंड की पहल.


सभी म्यूचुअल फंड निवेशकों को एक बार केवाईसी प्रोसेस को पूरा करना होता है. निवेशकों को केवल रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड (आरएमएफ) के साथ डील करनी चाहिए. केवाईसीआरएमएफ से जुड़ी अधिक जानकारी और किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराने का प्रोसेस जानने के लिए विजिट करेंhttps://www.edelweissmf.com/kyc-norms  

 

म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. कृपया निवेश से पहले सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें.


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आप जब पौधे लगाते हैं तो मौसम खराब होने, देखभाल नहीं हो पाने या कीड़े लग जाने के कारण उनमें से कई पौधे खराब हो सकते हैं. जिन पौधों को सही से धूप, पानी और देखभाल मिलती है, वे स्वस्थ और मजबूत पेड़ बन सकते हैं. स्मॉल-कैप कंपनियां पौधों की तरह होती हैं. उनमें से कुछ बाजार की मंदी के कारण बंद हो सकती हैं, जबकि बाकी अन्य बाजार की अस्थिरता को मात देकर फल-फूल सकती हैं. स्मॉल-कैप फंड वैसे म्यूचुअल फंड हैं, जो स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश का एक्सपोजर देते हैं. हालांकि वास्तव में स्मॉल-कैप फंड क्या हैं और क्या वे निवेश करने का एक अच्छा विकल्प हैं? आइए पता करते हैं.

स्मॉल कैप म्यूचुअल फंड क्या होता है?

स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड एक तरह के ओपन-एंडेड इक्विटी फंड हैं, जो मुख्य रूप से छोटे आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, जिन्हें आमतौर पर स्मॉल-कैप कंपनियों के रूप में जाना जाता है. इन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण आम तौर पर 5000 करोड़ रुपये से कम होता है और बाजार पूंजीकरण के मामले में उनकी गिनती 251वीं कंपनी से शुरू होती है. स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड अपने कुल एसेट का कम से कम 65 फीसदी स्मॉल-कैप शेयरों में निवेश करते हैं.

स्मॉल-कैप कंपनियों में काफी संभावनाएं होती हैं. वे अभी अपनी इंडस्ट्री में टॉप पर नहीं होती हैं, लेकिन उनमें समय के साथ ग्रो करने की गुंजाइश होती है. स्मॉल-कैप फंड आपको इस ग्रोथ का हिस्सा बनने की सुविधा देते हैं.  

नोट - बाजार पूंजीकरण किसी कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयरों का कुल बाजार मूल्य होता है.

स्मॉल-कैप फंड उम्मीदें जगा सकते हैं, लेकिन सोच-विचार कर निवेश का निर्णय लेने के लिए आपको उनके बारे में कुछ बातें पता होनी चाहिए.

स्मॉल कैप फंड में निवेश करने से पहले गौर करने वाली बातें

  • निवेश की अवधि: स्मॉल-कैप फंड आमतौर पर लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए सही होते हैं. अगर आप अपने निवेश को ज्यादा समय के लिए होल्ड कर सकते हैं तो वे सही साबित हो सकते हैं. ज्यादा उथल-पुथल और कम समय में बड़ी गिरावट की आशंका के कारण वे कम समय के लक्ष्यों के लिए ठीक नहीं हो सकते हैं.
  • रिस्क उठाने की क्षमतास्मॉल-कैप फंड छोटे साइज की कंपनियों में निवेश करते हैं, जो अभी विकास के शुरुआती चरणों में होती हैं. यह उन्हें मिड और लार्ज कैप फंडों की तुलना में ज्यादा जोखिम वाला बना देता है. वे आपको कंपनी की ग्रोथ का हिस्सा बनने का मौका देते हैं, लेकिन उनमें रिस्क भी ज्यादा होता है. इसलिए, निवेश करने से पहले रिस्क उठाने की अपनी क्षमता को अच्छे से परख लें.
  • एक्सपेंस रेशियोस्मॉल-कैप फंड सहित सभी म्यूचुअल फंड स्कीम एडमिनिस्ट्रेशन व मैनेजमेंट का खर्च निकालने के लिए निवेशकों से कुछ शुल्क लेती हैं. फंड चुनने से पहले एक्सपेंस रेशियो की तुलना करने से आपको अपना ओवरऑल रिटर्न बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
  • टैक्स की देनदारियांस्मॉल-कैप फंडों को इक्विटी फंड की कैटेगरी में रखा जाता है. इनके ऊपर लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होते हैं. आप कितने समय तक होल्ड करते हैं, उसके हिसाब से टैक्स की दरें अलग हो सकती हैं. एक वर्ष तक होल्ड किए गए फंड से हुए मुनाफे पर 15 फीसदी की दर से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है. वहीं एक साल से ज्यादा समय तक रखे गए फंड के मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का फायदा मिलता है और एक वित्त वर्ष में 1 लाख रुपये से ज्यादा मुनाफा होने पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगता है.

स्मॉल कैप फंड में किन्हें निवेश करना चाहिए?

स्मॉल-कैप फंड पर शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव का असर होता है, क्योंकि वे उन कंपनियों में निवेश करते हैं जो अभी तक अच्छी तरह से स्थापित नहीं हुई हैं. इस कारण ऐसे फंड लंबे समय के लक्ष्यों जैसे- रिटायरमेंट, बच्चों की उच्च शिक्षा, घर खरीदना और इसी तरह की अन्य जरूरतों के हिसाब से ठीक हो सकते हैं.

रिस्क सभी इक्विटी फंड में होते हैं, लेकिन सभी बाजार पूंजीकरण के फंड की तुलना में स्मॉल-कैप फंड में रिस्क सबसे ज्यादा हो सकता है. इसलिए, ये फंड केवल तभी सही हो सकते हैं, जब आप ज्यादा रिस्क उठा सकते हों.

अगर आप अपने पोर्टफोलियो को डायवर्स बनाना चाहते हैं और अलग-अलग बाजार पूंजीकरण में निवेश कर रिस्क व रिटर्न का संतुलन बनाना चाहते हैं, तब भी आप ऐसे फंड में निवेश कर सकते हैं.

स्मॉल कैप फंड में कैसे निवेश करें?

स्मॉल-कैप फंड में निवेश की प्रक्रिया किसी भी अन्य म्यूचुअल फंड स्कीम की तरह ही है. आप किसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) या रजिस्टर्ड ब्रोकर से संपर्क कर शुरुआत कर सकते हैं. अकाउंट खोलने के लिए आपसे नो योर क्लाइंट (केवाईसी) डॉक्यूमेंट जैसे पैन, आधार कार्ड की कॉपी आदि सबमिट करने के लिए कहा जा सकता है.

एक बार जब आपका अकाउंट एक्टिव हो जाता है, तब आपके पास स्मॉल-कैप फंड में निवेश करने के लिए दो विकल्प होते हैं - सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) और लम्पशम्प इन्वेस्टमेंट.

एसआईपी के मामले में आप नियमित रूप से तय अंतराल (साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक) पर एक निश्चित रकम का निवेश कर सकते हैं. या फिर आप लम्पशम्प इन्वेस्टमेंट में एक ही बार में बड़ी रकम को इन्वेसट कर सकते हैं.

निष्कर्ष

अगर आप स्मॉल-कैप फंड में निवेश करना चाहते हैं तो निवेश की लंबी अवधि को जेहन में रखें. जोखिम को लेकर सावधान रहें और अच्छी तरह से सोच-विचार कर निर्णय लें. इसके अलावा, अच्छी तरह से छानबीन करें और सुनिश्चित करें कि आप चाहे किसी भी चीज में निवेश करें, आपके पास एक अच्छा डायवर्स पोर्टफोलियो है, जो आपको लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही है.

 

निवेशकों को जागरूक करने के लिए एडलवाइज म्यूचुअल फंड की पहल.


सभी म्यूचुअल फंड निवेशकों को एक बार केवाईसी प्रोसेस को पूरा करना होता है. निवेशकों को केवल रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड (आरएमएफ) के साथ डील करनी चाहिए. केवाईसीआरएमएफ से जुड़ी अधिक जानकारी और किसी भी तरह की शिकायत दर्ज कराने का प्रोसेस जानने के लिए विजिट करेंhttps://www.edelweissmf.com/kyc-norms  

 

म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. कृपया निवेश से पहले सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें.


MUTUAL FUND INVESTMENTS ARE SUBJECT TO MARKET RISKS, READ ALL SCHEME RELATED DOCUMENTS CAREFULLY.